नई दिल्ली: भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक नया वैश्विक केंद्र बनने की राह पर अग्रसर है। केंद्र सरकार की सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन नीति के तहत गुजरात के साणंद और असम के मोरीगांव में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण संयंत्रों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
इन अत्याधुनिक प्लांट्स के शुरू होने से न केवल देश में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि दूरसंचार, ऑटोमोबाइल, रक्षा और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आएगी। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से अगले तीन वर्षों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 50,000 से अधिक उच्च-कुशल रोजगार पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री ने हालिया संबोधन में कहा कि चिप निर्माण केवल एक उद्योग नहीं बल्कि 21वीं सदी की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता की आधारशिला है।