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नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के शैक्षणिक ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। स्कूलों में छठी कक्षा से ही कोडिंग, व्यावसायिक कौशल और वित्तीय साक्षरता को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
शिक्षाविदों का मानना है कि उच्च शिक्षा में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम से छात्रों का समय बर्बाद नहीं होता और वे अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकते हैं।