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करनाल: भारतीय कृषि अब परंपरा से आधुनिक तकनीक की ओर छलांग लगा रही है। पंजाब और हरियाणा के खेतों में ड्रोन का उपयोग आम हो चुका है, जिससे कीटनाशक और नैनो यूरिया का छिड़काव मिनटों में बिना किसी बर्बादी के हो जाता है।
सॉइल टेस्टिंग सेंसर्स की मदद से किसान मिट्टी की उर्वरता जानकर केवल आवश्यक खाद डाल रहे हैं, जिससे खेती की लागत में 30% तक की कमी आई है।